1921-22 में हुए वाशिंगटन सम्मलेन में हुए संधियों, परिणामों और महत्व का वर्णन करें

वाशिंगटन सम्मलेन (1921-22 ई.)

यह सम्मेलन अमेरिका के द्वारा वाशिंगटन में किया गया था. इस सम्मेलन में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन, जापान, इटली, पुर्तगाल, बेल्जियम एवं हालैंड ने भाग लिया था. रूस इस सम्मेलन में हिस्सा नहीं लिया. इस सम्मेलन में कुछ 6 संधियां की गई और 12 प्रस्ताव पास हुए.

1921-22 में हुए वाशिंगटन सम्मलेन में हुए संधियों, परिणामों और महत्व विश्व इतिहास में बहुत ही बड़ा है. यह संधि अमेरिका, जापान, फ्रांस, इटली और ब्रिटेन के बीच नौ-सैनिक शक्ति संतुलन को बनाए रखने के लिए की गई थी.

वाशिंगटन सम्मेलन (1921-22 ई.) की संधियाँ

1. पंच शक्ति नौ-सैन्य शक्ति

यह संधि अमेरिका, जापान, फ्रांस, इटली और ब्रिटेन के बीच नौ-सैनिक शक्ति संतुलन को बनाए रखने के लिए की गई थी. इस संधि में यह तय को गई थी कि अमेरिका 5, इंग्लैंड 5, इटली 5, जापान 3 तथा फ्रांस 1 युद्धपोत रखेगा और अगले 10 सालों तक कोई भी देश नए युद्धपोतका निर्माण नहीं करेगा. यह संधि 1930 ई. तक लागू रहेगा और इसके बाद कोई भी देश 20 वर्ष की नोटिस देकर इस संधि से मुक्त हो सकता है.

2. प्रथम नव-शक्ति मुक्त द्वार संधि

इस संधि के तहत सम्मेलन में उपस्थित 9 देशों ने स्वीकार किया कि वे सभी चीन की सम्प्रभुता और अखंडता का सम्मान करेंगे. कोई भी देश अपने स्वार्थ के लिए चीन पर अपना प्रभाव कायम नहीं करेगा. चीन में व्यापार करने का अधिकार सबको बराबर होगा. 

1921-22 में हुए वाशिंगटन सम्मलेन में हुए संधियों, परिणामों और महत्व विश्व इतिहास में बहुत ही बड़ा है. यह संधि अमेरिका, जापान, फ्रांस, इटली और ब्रिटेन के बीच नौ-सैनिक शक्ति संतुलन को बनाए रखने के लिए की गई थी.

3. द्वितीय नव-शक्ति संधि

इस संधि के अनुसार  चीन अपने देश में आयात होनेवाली वस्तुओं के करों में वृद्धि करने का अधिकारी होगा.

4. चतुर्थ शक्ति शांति संधि

यह संधि 13 दिसम्बर 1921 ई. को अमेरिका, इंग्लैंड, जापान और फ्रांस के मध्य हुई. इस संधि के अनुसार सभी ने स्वीकार कर लिया कि वे एक-दूसरे के प्रभाव वाले क्षेत्र और टापुओं की सम्मान करेंगे. और यदि किसी विवाद का समाधान न हो पा रहा हो तथा उनके किसी अधिकार के नुकसान की आशंका हो तो वे एक-दूसरे को पत्र व्यवहार करेंगे.

1921-22 में हुए वाशिंगटन सम्मलेन में हुए संधियों, परिणामों और महत्व

5. छ: शक्ति संधि

इस संधि के अनुसार ब्रिटेन, अमेरिका, जापान, इटली, फ्रांस और चीन ने समुद्री तटों के विभाजन पर विचार किया.

6. अमेरिका-जापान की संधि

कैरोलाइन द्वीप समूह के पश्चिमी भाग पर 80 वर्ग मिल पर चार टापुओं का समुह है जिसपर पेरिस शांति सम्मेलन के बाद जापान का कब्जा हो गया था. वाशिंगटन सम्मेलन के बाद अमेरिका ने भी जापान के साथ संधि करके एक द्वीप पर अधिकार प्राप्त कर लिया. इसके बाद इस द्वीप समूह को स्वतंत्र प्रदेश की मान्यता मिल गई. इसके बाद अमेरिका-जापान तनाव कम हो गया. 

1921-22 में हुए वाशिंगटन सम्मलेन में हुए संधियों, परिणामों और महत्व

वाशिंगटन सम्मेलन का महत्व/परिणाम

यह सम्मेलन तत्कालीन समय की ऐतिहासिक घटना थी. इस सम्मेलन को बुलाने का मुख्य रूप से दो ही उद्देश्य थे:- पहला- जापान की बढ़ती शक्ति को नियंत्रण करके चीन की सम्प्रभुता और अखंडता की रक्षा करते हुए चीन के दरवाजे व्यापार के लिए सभी देशों के लिए समान रूप से खोलना और दूसरा- जापान, अमेरिका और इंग्लैंड के नौसैनिक ताकत के बढ़ते टकराव को खत्म करना. इस सम्मेलन ने सफलतापूर्वक दोनों उदेश्यों पर सफलता प्राप्त की. इस संधि ने आंग्ल-जापान संधि को खत्म कर दिया था तथा अमेरिका, जापान, इंग्लैंड के बीच होनेवाले संभावित युद्ध को अनिश्चितकाल तक टाल दिया था.

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